आत्मविश्वास कैसे बने?
आत्मविश्वास कैसे बने?
मैं आप लोगों के साथ एक कहानी शेयर करना चाहूंगा, तो कहानी यह है कि,
एक बार की बात है कि एक गांव में आदमी रहता था जिसका नाम जस्टिन था, उसका एक खास बात यह है कि वह बहुत ही ईमानदार और टैलेंटेड था और उसके अंदर कुछ करने का लगन था। लेकिन उसके अंदर बुरी आदतें भी थी जैसे कि वह बहुत ही शर्मीला और नर्वस व्यक्ति था। वह एक बेरोजगार व्यक्ति था तो वह एक इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए गया लेकिन इसके पहले भी वह 10 से 20 बार इंटरव्यू दे चुका था लेकिन वह बार-बार रिजेक्ट हो जाता था केवल उसके नर्वस होने की वजह से और इस बार वह इंटरव्यू के लिए जा रहा था लेकिन नर्वस हो कर लेकिन फिर वही हुआ जो पहले हुआ था वह रिजेक्ट हो गया इंटरव्यू से अब वह धीरे धीरे अंदर से टूट चुका था। अब उसने फैसला ले लिया था कि अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी करने का, बहुत दिनों बाद वह अपने कॉलेज के किताबों को पढ़ रहा था। उस किताब में एक शब्द लिखा था वह शब्द था कॉन्फिडेंट तो वह जस्टिन सोच रहा था की जब भी मैं इंटरव्यू के लिए जाता था वह भी घबराहट के साथ तो मैं रिजेक्ट हो जाता था। तो जस्टिन ने फिर से फैसला लिया कि वह दुबारा इंटरव्यू के लिए जाएगा और वह भी साथ में फुल कॉन्फिडेंस के साथ कुछ दिनों बाद वह जस्टिन एक दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में आज काम कर रहा है।
निष्कर्ष :- यहां कोई भी ऐसा मैटर नहीं कि वह जस्टिन ने किताब पढ़ा और उसे कॉन्फिडेंट शब्द मिला और वह कंपनी में काम करने लगा मेरा इस कहानी से कहने का मतलब यह है, कि आप जो भी काम के लिए जा रहे हो या जो भी काम कर रहे हो उससे फूल कॉन्फिडेंट के साथ करो क्योंकि किसी ने खूब कहा है।
एक बार की बात है कि एक गांव में आदमी रहता था जिसका नाम जस्टिन था, उसका एक खास बात यह है कि वह बहुत ही ईमानदार और टैलेंटेड था और उसके अंदर कुछ करने का लगन था। लेकिन उसके अंदर बुरी आदतें भी थी जैसे कि वह बहुत ही शर्मीला और नर्वस व्यक्ति था। वह एक बेरोजगार व्यक्ति था तो वह एक इंटरव्यू (साक्षात्कार) के लिए गया लेकिन इसके पहले भी वह 10 से 20 बार इंटरव्यू दे चुका था लेकिन वह बार-बार रिजेक्ट हो जाता था केवल उसके नर्वस होने की वजह से और इस बार वह इंटरव्यू के लिए जा रहा था लेकिन नर्वस हो कर लेकिन फिर वही हुआ जो पहले हुआ था वह रिजेक्ट हो गया इंटरव्यू से अब वह धीरे धीरे अंदर से टूट चुका था। अब उसने फैसला ले लिया था कि अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी करने का, बहुत दिनों बाद वह अपने कॉलेज के किताबों को पढ़ रहा था। उस किताब में एक शब्द लिखा था वह शब्द था कॉन्फिडेंट तो वह जस्टिन सोच रहा था की जब भी मैं इंटरव्यू के लिए जाता था वह भी घबराहट के साथ तो मैं रिजेक्ट हो जाता था। तो जस्टिन ने फिर से फैसला लिया कि वह दुबारा इंटरव्यू के लिए जाएगा और वह भी साथ में फुल कॉन्फिडेंस के साथ कुछ दिनों बाद वह जस्टिन एक दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी में आज काम कर रहा है।

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