मेरी माँ❤




एकबार 8 साल का लड़का, खेलते-खेलते गाडी से 
दुर्घटना हो गयी, जिससे उसकी एक आँख चली 
गयी। उसके माता-पिता को बहुत दुख पहुंचा 
लेकिन उसकी माँ ने बिना किसी की परवाह करते
हुए, अपनी एक आँख अपने बच्चे को दे दी। यह बात लड़के को नही पता था। जब वह छोटा था तो वह स्कूल अपनी माँ के साथ जाया करता था। जब वह धीरे-धीरे बड़ा होने तो उसे लगने लगा कि उसके दोस्त उसकी माँ को देखकर लडके उसे चिडाया करते है। तो वह अपने मां कहने लगा कि ''तुमने इसलिए मुझे पैदा कि लोग मुझे चिडाया करें लोग मेरा मजाक उड़ाये।" तो वह स्कूल अगले ही दिन से अकेले जाने लगा। जब वह बड़ा हो गया तो उसने अपने मनमर्जी से शादी भी कर ली। फिर अपनी माँ को छोड़कर हमेशा-हमेशा के लिए विदेश रहने चला गया, उसकी जिन्दगी आराम से कट रही थी। फिर होली का त्योहार आया, उसे होली का त्योहार बहुत पसंद था। उसने सोचा ''क्यो न इस बार होली अपने घर चलकर मनायी जाये'';अगले ही दिन वह अपने घर चला आया। घर जाकर पता चला कि उसकी माँ घर में नही थी। पडोसीयो से पुछा तो कहा कि तुम्हारी माँ तुम्हारा इन्तजार करते-करते एक महीने पहले ही चल बसी। इस बात को सुनकर लडके को जोरदार धक्का लगा, पडोसी ने कहा कि तुम्हारी माँ ने मुझे एक पत्र दिया था और कहा था कि जब मेरा बेटा आये तो उसे ये दे देना।

उस पत्र में लिखा था:-
                                 बेटा मुझे नही पता कि तु कब आयेगा लेकिन जिस एक आँख वाली माँ से तु नफरत करके गया था। वो आँख मैंने ही तुझे दी थी, जब तु 8 साल का था तब खेलते-खेलते गाडी से दुर्घटना होने पर तेरी एक आँख चली गयी थी।